Nps Registration Process Flow From CSC – Complete Information

तो दोस्तों आज आप सभी जानेंगे कि NPS रजिस्ट्रेशन कैसे करें? , क्या लाभ है ? ,और VLE का क्या फायदा है ? सबकुछ –

जानकारी देने से पहले आपको बता दूँ की CSC में इसका क्या प्रोसेस है और क्या कमीशन है आइये जानते है –

 

एनपीएस क्या है? What is NPS? (in Hindi)

एनपीएस का मतलब है नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme).

एनपीएस एक पेंशन योजना है|

जैसा की किसी भी पेंशन योजना में होता है, आप इस योजना में अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश करते हैं| आपके निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से आपका एनपीएस खाता धीरे-धीरे बड़ा होता जाता है|

रिटायर होने के बाद आपको पेंशन मिलती है| रिटायर होने से मेरा मतलब 60 वर्ष की आयु का होना या फिर आपके एम्प्लायर की superannuation (रिटायरमेंट आयु) हासिल करना|

रिटायर होने पर या 60 वर्ष की आयु के होने पर आप अपना खाता बंद कर सकते हैं| खाता बंद करते समय आप कुछ पैसा एक मुश्त निकाल सकते हैं| बचे हुए पैसे से आपको एक वार्षिकी उत्पाद (annuity plan) खरीदना होगा|

ध्यान दें आपको कम-से-कम 40% जमा राशि से एक वार्षिकी (annuity plan) खरीदना होगा|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए 60 वर्ष की आयु तक आपने अपने एनपीएस खाते में 10 लाख रुपये जमा कर लिए हैं|

इन 10 लाख रुपये में से आपको 4 लाख रुपये का तो एक एन्युटी प्लान (वार्षिकी) खरीदना होगा ही| बचे हुए 6 लाख रुपये को आप एक मुश्त निकाल सकते हैं|

ध्यान दें चाहें तो पूरी राशि का इस्तेमाल भी एन्युटी प्लान भी खरीद सकते हैं|

Annuity प्लान (वार्षिकी) क्या होती है?

एक वार्षिकी के तहत आप एक बीमा कंपनी को एक मुश्त पैसा देते हैं और इसके बदले आपको पूरी ज़िन्दगी पेंशन मिलती रहती है|

मान लिए आपके पास 10 लाख रुपये हैं| और उस समय एन्युटी का इंटरेस्ट रेट 6% चल रहा है|

तो बीमा कंपनी आपसे 10 लाख रुपये लेकर आपको आजीवन हर वर्ष 60,000 (10 लाख X 6%) रुपये देगी| अगर आप मासिक आय का विकल्प चुनते हैं, तो आपको हर महीने 5,000 रूपये मिलेंगे|

अब चाहें आप 100 वर्ष की आयु तक जियें या 150 वर्ष के आयु तक, आपको हर महीने 5,000 रुपये मिलते रहेंगे|

एक बात और, वार्षिकी या एन्युटी प्लान कई स्वरुप में आते हैं| जैसे की आप चाहें तो आपके बाद आपके पति या पत्नी को भी पेंशन जारी रह सकती है| आप अपनी ज़रुरत के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं|

एनपीएस में चार सेक्टर होते हैं

देखिले एनपीएस खाता खोलने के कई तरीके हैं| आप किस तरीके से खाता खोलते हैं, उस बात से तय होता है, की आप कैसे एनपीएस के तहत आते हैं|

  1. Central Government (केन्द्रीय सरकार): केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए
  2. State Government (राज्य सरकार): राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए
  3. Corporate Sector: निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए
  4. All Citizens Model: अगर आप खुद अपने लिए NPS account खोलते हैं

ध्यान दें एनपीएस खाता पूरी तरह पोर्टेबल है| इसका मतलब, बशर्ते आपने खाता केंद्रीय सरकार एनपीएस के तहत खोला हो, आप नौकरी छोड़ने या बदलने पर अपना एनपीएस दूसरे सेक्टर में बदल सकते हैं|

सच बतायूं तो ऐसा कोई अंतर नहीं है, इन सेक्टरों में| बस अगर आपको अपने एम्प्लायर से भी योगदान चाहिए, तो आपको उनके अनुसार अपना एनपीएस अकाउंट खोलना होगा या शिफ्ट करना होगा|

साथ ही सरकारी एनपीएस खातों में निवेश की नियम थोड़े अलग होते हैं|

आप कितने एनपीएस खाते खोल सकते हैं? PRAN (प्रान) क्या है? नौकरी बदलने पर PRAN को कैसे शिफ्ट करें?

आप केवल एक ही एनपीएस खाता खोल सकते हैं|

PRAN का मतलब Permanent Retirement Account Number.

जब आप कोई एनपीएस अकाउंट खोलते हैं, तो आपको एक PRAN मिलता है|

एक व्यक्ति के पास केवल एक ही PRAN हो सकता है| इसका मतलब आप दूसरा PRAN नहीं खोल सकते|

आपका PRAN पूरी तरह पोर्टेबल है|

अगर आप आपको अपने एनपीएस अकाउंट शिफ्ट (shift) करना है, तो आपको नया अकाउंट खोलने की ज़रुरत नहीं है| आप पुराने एनपीएस अकाउंट (PRAN) को ही शिफ्ट कर सकते हैं| ऐसा करने की ज़रुरत आपको नौकरी बदलते समय पड़ सकती है|

एनपीएस खाता कैसे खोलें?

एनपीएस खाता खोलने की कई तरीके हैं|

आप अपने एम्प्लायर (ससरकारी या निजी क्षेत्र) की सहायता से अपना खाता खोल सकते हैं|

आप अपने नज़दीकी बैंक शाखा में जा कर अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं| साथ की बहुत से ब्रोकर की वेबसाइट से आप एनपीएस खाता ऑनलाइन खोल सकते हैं|

इसके अलावा आप अपने आधार कार्ड की सहायता से भी आप अपना NPS अकाउंट खोल सकते हैं- नजदीकी CSC सेंटर पर जाके |

एनपीएस खाता में ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं क्या?

जी हाँ, आप चाहें तो एनपीएस में ऑनलाइन भी निवेश कर सकते हैं|

एनपीएस में दो तरह के अकाउंट होते हैं

एनपीएस टियर 1 और एनपीएस टियर 2

इनमें से केवल एनपीएस टियर 1 ही रिटायरमेंट पेंशन अकाउंट है|

टियर 2 अकाउंट एक म्यूच्यूअल फण्ड की तरह है| आप जब चाहें उससे पैसे निकाल सकते हैं|

एनपीएस में रिटर्न कितना मिलता है?

एनपीएस में कोई रिटर्न की गारंटी नहीं है| और न ही सरकार हर वर्ष रिटर्न की घोषणा करती है|

निवेश करते समय आप यह बता सकते हैं की आपका पैसा कैसे निवेश करना है| एनपीएस खाता खोलने का बाद आप चाहें तो यह निवेश का पैटर्न बदल भी सकते हैं|

अब आपके पास निवेश के कई विकल्प हैं:

  1. आप इक्विटी फण्ड (E) में पैसा लगा सकते हैं
  2. आप सरकारी बोंड्स (G) में पैसा लगा सकते हैं
  3. आप कॉर्पोरेट बांड्स (C) में पैसा लगा सकते हैं

साथ ही आपको फण्ड मेनेजर का चुनाव भी करना पड़ता है|

आपके पास निवेश के दो तरीकें है|

  1. आप अपने आप अपने निवेशों का चयन कर सकते हैं| इसका मतलब कितना पैसा (E), (G) या (C) में डालना है| इस Active Choice कहते हैं| बस कुछ सीमाएं हैं| कॉर्पोरेट सेक्टर एनपीएस और आल सिटीजन्स मॉडल एनपीएस ग्राहकों के लिए इक्विटी फण्ड (E) में निवेश करने की सीमा अधिकतम 50% प्रतिशत है| सरकारी एनपीएस में यह सीमा 15% है|
  2. कॉर्पोरेट सेक्टर एनपीएस और आल सिटीजन्स मॉडल एनपीएस ग्राहकों के पास Auto चॉइस का विकल्प भी है| इसमें नीचे दिए गए चार्ट के अनुसार आपकी आयु के अनुसार आपके एनपीएस पोर्टफोलियो बदलता रहता है| शुरुआत में इक्विटी मिएँ ज्यादा निवेश होता है| धीरे-धीरे आयु के साथ इक्विटी (E) में निवेश कम होता जाता है| इसे Auto Choice या LifeCycle Fund कहते हैं| ध्यान दें यह विकल्प सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं है|

    एनपीएस में निवेश करने पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलता है? (Tax Benefit for Investment in NPS)

    अब एनपीएस में आकर्षित होने की एक वजह निवेश पर मिलने वाले टैक्स लाभ भी हैं|

    क्या 60 वर्ष की आयु से पहले आप एनपीएस से पैसा निकाल सकते हैं?

    जी हाँ, कुछ विशिष्ठ परिस्थितियों में एनपीएस से कुछ पैसा निकालने की अनुमति है|

    आप गंभीर बीमारियों की इलाज़ के लिए, बच्चों की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए या घर खरीदने या बनाने के लिए अपने एनपीएस खाते से कुछ पैसे निकाल सकते हैं|

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